Two days Workshop on Community Radio

कम य निटी रेडियो बह आयामी हो-बी बी शर मा

जौनप र । वीर बहाद र सिंह पूर वांचल विश वविद यालय के जनसंचार विभाग द वारा ३० नवम बर से १ दिसम बर तक दो दिवसीय साम दिक रेडियो प रोग राम प रोडक शन विषयक कार यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें साम दिक रेडियो प रोग राम के निर माण के विभिन न आयामों पर आये ह विषय विशेषज ञ द वारा विद याथियों को जानकारी दी गई.कार यशाला के उद घाटन सत र को संबोधित करते ह आकाशवाणी वाराणसी के पूर व केंद र निदेशक बी बी शर मा ने कहा कि कम य निटी रेडियो बह आयामी होगा तभी इसका लाभ सम दाय को मिल पायेगा । हालांकि इसको स थापित करने में कानूनी अड़चन तो आती है,मगर इनकी बाधाओं को दूर कर दिया जाय तो स थानीय लोगों की शिक षा,स वास थ य कृषि के अलावा अन य जानकारी से अपडेट किया जा सकता है। उन होंने कहा कि रेडियो का अब प र नजन म हो रहा है। कम य निटी रेडियो के मामले में अन य देषों से हम 40 वर ष पीछे हैं। उन होंने रेडियो के इतिहास का क रमवार वर णन करते ह छात र-छात राओं को विस तृत रूप से अपने अन भव को बताया। उन होंने कहा कि कम य निटी रेडियो के लि धन के साथ-साथ स टाफ करेक टर का भी होना जरूरी है। ताकि वैधानिकता और तकनीकी का खतरा न हों।आल इंडिया रेडियो लखनऊ की प रोग राम कोआर डिनेटर श री अनामिका श रीवास तव ने कहा कि विदेषों में कम यूनिटी रेडियो का प रचलन बढ़ा है। सबसे अधिक ऑस ट रेलिया में 45 फीसदी श रोता कम य निटी रेडियो के है। अपने देष में तकरीबन 4000 लोगों ने लाइसेंस लेने का आवेदन किया है। उन होंने कहा कि इससे स वाथ य,शिक षा और क षेत रीय संस कृति का विकास हो सकता है। कार यशाला के उद घाटन समारोह की अध यक षता कर रहे क लपति प रोफेसर स न दरलाल ने कहा कि बदलते समय को देखते ह संचार माध यमों में भी उतार -चढ़ाव आते रहे हैं। फिल म,फिल म रेडियो के बाद टीवी का चलन बढ़ा। अब फिर से कम य निटी रेडियो के रूप में इसका अवतार हो रहा है। उन होंने बताया कि विश वविद यालय में कम य निटी रेडियो को लगाने की पहल चल रही है। ताकि इसका लाभ स थानीय लोगों को मिल सके। डा0 अजय प रताप सिंह ने अतिथियों का स वागत करते हू कहा कि इससे यहां के छात र-छात राओं को व यवहारिक ज ञान प राप त होगा । इसके साथ-साथ तकनीकी ज ञान से भी अपडेट होंगे। विभाग के प राध यापक डॉ मनोज मिश र ने कहा कि आज फिर रेडियो के दिन बह रने लगे हैं ।

किसान के साथ ही साथ य वाओं में रेडियो की बढ़ती लोकप रियता इसका प रमाण हैं । से में कम य निटी रेडियो से जौनप र की लोक संस कृति, खेती-किसानी जैसे म द दों को भी मंच मिलेगा।कार यशाला के द सरे दिन आल इंडिया रेडियो लखनऊ के प रोग राम क सक यूटिव डा0 महेन द र प रसाद पाठक ने कहा कि किसी भी रेडियो प रोग राम की सफलता आम श रोता तक पह चने की नहीं रहती वह प रोग राम तभी सफल माना जाता है जब वह श रोता के दिल में उतर जा । उन होंने कहा कि मीडिया की तरह आल इंडिया रेडियो भी ‘वान ट और नीड स’ को ध यान मे रखकर प रोग राम को बनाता है। उन होंने कहा कि कम य निटी रेडियो फ. म. रेडियो के माध यम से रेडियो के क षेत र में नया बूम आ गया है। उन होंने कहा कि प राइवेट माध यमों के आने के बाद भी श रोताओं का विश वास आकाशवाणी पर इसलि ज यादा है कि यह विकासन म खी और श रोताओं की के साथ उनकी संस कृति से मिलाज ला प रोग राम का प रसारण करता है।उन होंने कहा कि रेडियो ही क सा माध यम है जिसने अपनी हर आवाज के उच चारण को सहजता और सरलता से स पष ट रूप से लोगों तक पह चायां। उनका मानना है कि मीडिया के अन य माध यम कृषि क षेत र और गाव की समस याओं पर विषेष ध यान नहीं दे रहा है। मगर रेडियो इन समस याओं को प रम खता से उठा रहा है। तकनीकी सत र में प रोग राम क सक यूटिव डा0 महेन द र प रसाद पाठक ने फीचर,लेख और डाक यूमेन ट री के बारे में बताया।इस दौरान छात र-छात राओं ने इससे संबंधित कई सवाल पूछे। उन होंने पावर प वाइंट के माध यम से आडियो स नाकर लोगों को प रोग राम के बारे में सम ाया। उन होंने इंटरव यू का क आडियो दिखाकर बताया कि जवाब से सवाल कैसे बनते हैं। उन होंने इंटरव यू में पूछे जाने वाले सवालों के सीक वेंस के बारे में बताया। संचालन डा0 अवध बिहारी सिंह ने किया। धन यवाद ज ञापन प राध यापक दिग विजय सिंह राठौर ने किया।इस अवसर पर डॉ स नील क मार ,डॉ र श दा आज़मी,स नील क मार उपस थित रहे।

दिग विजय सिंह राठौर